सशक्त हिंदू...... समृद्ध हिंदू...... संगठित हिंदू     सशक्त हिंदू...... समृद्ध हिंदू...... संगठित हिंदू
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सामाजिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम
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सक्रिय स्वयंसेवक
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सेवा एवं जागरूकता अभियान
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वर्षों का सामाजिक अनुभव
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हम कौन हैं

एक संगठित और जागरूक हिंदू समाज की ओर

राष्ट्रीय विश्व हिंदू परिषद जन सेवा ट्रस्ट सनातन संस्कृति, सामाजिक सेवा और राष्ट्र निर्माण के सिद्धांतों पर आधारित संगठन है, जो संविधान के अंतर्गत रहते हुए समाज कल्याण के लिए कार्य करता है।

 

हम कैसे सहयोग करते हैं?

हम सामाजिक जागरूकता, सांस्कृतिक संरक्षण और सेवा कार्यों के माध्यम से समाज को संगठित, जागरूक और सशक्त बनाने में सहयोग करते हैं।

सशक्त हिंदू...... समृद्ध हिंदू...... संगठित हिंदू

राष्ट्रीय विश्व हिंदू परिषद जन सेवा ट्रस्ट एक गैर-राजनीतिक, सामाजिक एवं सांस्कृतिक संगठन है, जो सनातन संस्कृति, हिंदू मूल्यों और राष्ट्र निर्माण की भावना के साथ कार्य करता है। इस संस्था की स्थापना समाज में जागरूकता, सेवा और संगठन के उद्देश्य से की गई है, ताकि हिंदू समाज को सशक्त, संगठित एवं आत्मनिर्भर बनाया जा सके।

राष्ट्रीय विश्व हिंदू परिषद जन सेवा ट्रस्ट

मैंमिन्त गरुुबक्श दास संरक्षक मितं वगरधारी लालदास नागा वनिासी ग्राम बाबा
बाबा गंगादास कुटी सिंदुरवा रहेगा
उ० प्र० वदनांक- 12.12.2025राष्ट्रीय विश्व विन्दूपररषद जन सेिा रस्ट की घोषणा करताि
श्री महंत गुरु बक्श दास रहेगा

1. रस्ट का नाम :-

2. रस्ट स्थान :-

3. रस्ट का कायय क्षेत्र :- सम्पणूयभारत िषय।

राष्ट्रीय विश्व वहिंदूपररषद का मूल मिंत्र है

संपर्क करें

हम आपकी जिज्ञासा का शीघ्र उत्तर देने का प्रयास करेंगे।

सांस्कृतिक संरक्षण

सनातन संस्कृति एवं हिंदू परंपराओं की रक्षा और प्रचार

राष्ट्र निर्माण

युवाओं को आत्मनिर्भर एवं राष्ट्रसेवा के लिए प्रेरित करना

समाज सेवा

गौ सेवा, पर्यावरण संरक्षण एवं जनकल्याण

संगठन शक्ति

एक संगठित, अनुशासित और जागरूक हिंदू समाज का निर्माण

राष्ट्रीय सविि

राहुल कुमार

राष्ट्रीय कोषाध्यक

विकास राित

रामेश्वर प्रसाद

सामाजिक कार्यकर्ता

“राष्ट्रीय विश्व हिंदू परिषद जन सेवा ट्रस्ट समाज में जागरूकता, सेवा और संस्कार के क्षेत्र में सराहनीय कार्य कर रही है। संस्था का उद्देश्य समाज को सकारात्मक दिशा देना है।”

अजय कुमार

स्वयंसेवक

“इस संस्था से जुड़कर मुझे समाज सेवा और राष्ट्र निर्माण के कार्यों में योगदान देने का अवसर मिला। संगठन का कार्य अनुशासित और प्रेरणादायक है।”

सुनीता शर्मा

समाज सेविका

“राष्ट्रीय विश्व हिंदू परिषद जन सेवा ट्रस्ट द्वारा चलाए जा रहे सामाजिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम समाज में जागरूकता और सकारात्मक सोच को बढ़ावा देते हैं।”

Our Leadership & Faculty

Chancellor & Academic Director

Education is the foundation of a brighter future. At C.V.R.M., we are committed to nurturing talent and empowering students to achieve their dreams.

With over 30+ years of experience, Dr. S.R. Damodar Reddy has been instrumental in shaping C.V.R.M. into a premier institution known for academic excellence and career-focused training.

Competitive Exam Coaching
99%
Skill Development
96%
Communication & Leadership
86%

Dr. S.R. Damodar Reddy

जुड़िए समाज और राष्ट्र सेवा से आज ही

राष्ट्रीय विश्व हिंदू परिषद जन सेवा ट्रस्ट एक सामाजिक-सांस्कृतिक संगठन है, जो सेवा, संस्कार और संगठन के माध्यम से समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने का कार्य करता है। हम जागरूकता, सामाजिक सहयोग और राष्ट्र निर्माण से जुड़े कार्यक्रमों के माध्यम से लोगों को जोड़ते हैं और प्रेरित करते हैं।

Our Experties

“दिल्ली मावानुवाद (साईक गावाची)

करते हैं, हम उस नित्य बृहत को नमन करते जो साकार भी है और निराकार भी ।

जिनके संकल्प मात्र से, हिन्दु राष्ट का जोबन जागृत जागृत रहता है।

मातृभूमि राक्षात् देवी है, जो धर्म और संस्कृति का स्वरूप हैं।

वही परम निराकार तत्त्व, हर हिन्दू के हृदय में सदा स्थित है।

हम विश्व हिन्दू परिषद के सूत्र में बंधे उर के साथ चलते हैं। धर्म, सेवा, बल और त्याग के

हमे शुब्द्ध बुद्धि, दृढ चित्त और निर्भय मूर धर्म रक्षा के क्रां में लगाकर भारत को विजयी के

राष्ट्रीय विश्व हिन्दू परिषद प्रार्थना

सामूहिक गान हेतु-सरत, स्थिर संस्कृत (सन्दबध्द गान रूप)

लय

ॐ नमों ब्रह्मणे नित्यं । साकाराय निराकाराय ||

यस्प संकल्प मात्रेण । जागर्ति हिन्दुराष्टकम् ॥

मातृभूमिछि साक्षाद देवी । धर्मसंस्कृतिरुपिणी ॥

निराकारं परं तत्त्वं । हिन्दुहृदि सदा स्थितम् ।।

विश्वहिन्दू‌परिषत्सूत्रे सामामुक्ता वयं सदा।।

धर्म-सेवा – बल – त्यागैः । हिन्दुराष्टं वहामहे ।।

शुब्दां बुध्दिं दृढ चित्तं । निर्भय मानस कुरु ॥

धर्मरक्षाव्रते योज्य । भारत जयता नया ।।

राष्टीय विश्व हिन्दू परिषद प्रार्थना (संस्क

नमस्ते सदा वत्सले मातृभूमें । हिंदूधर्मस्य तेजोवर्धिनि त्वम् ॥

विश्वहिन्दूपरिषत् पथदर्शयन्ती । धर्मस्य रक्षा कर्तुम् प्रेसन्ती ॥

समूत्वबुद्धया जगतो हिताय । त्यागेन सेवां सततं विदध्मः ।॥

धर्मो विजयते नित्यं भारत भूसात् विश्व गुरुः ।।

ॐ शान्तिः शान्तिः शान्तिः ॥

हिल्या रूपान्तरख

राष्ट्रीय विश्व हिन्दू परिषद प्रार्थना पत्र है सदा वत्सना मातृभूमि, हम तुम्हे नमन करते हैं। तू हिन्दू धर्म के तेज को बढ़ाने वाली हैं।

विश्व हिन्दू परिषद के साग पर चलते हुए दिए प्रेरित कर। रक्षा

बुध्दि से, जगत के कल्याण हेछ। त्याग और सेवा के पथ पर हम निरंतर अग्रसर रहे।

धर्म सदा विजयी हों, भारत विश्व गुरु बने।

शान्ति शांति शांति ।

 

[ भावार्थ अर्थ]

 

यह प्रार्थना मातृभूमि के प्रति श्रद्धा हिन्दू धर्म की रक्षा, समाज के कल्याण सेवा त्याग और समरसता के भाव को बिश्व हिन्दू परिषद के कार्यों से जोड़ती हैं।

संगठन मंत्र (संक्षिप्त)

 

संगठन शक्ति स्मरामः । सेवा धर्म चरामः। संस्कृति स्त्रां कुर्मः। राष्ट कल्याण साधयामः ॥

संगठन कल्याण मंत्र हिन्दी

सबका हित हो में सेवा संस्कार राष्ट्र , सबका मान हो एक प्राण हो समर्पण से सदा ‘महान हो

सामूहिक संकल्प मंत्र

हम सब मिलकर यह प्रण लें धर्म पथ से ने डिगे।, संगठन, सेवा और संस्कृति से भारत का मान सदा बढ़े ।।

प्रार्थना – शैली मंत्र (छोटा)

संगठन में शक्ति देना, सेवा में निष्ठा देना। संस्कृति की रक्षा हो। राष्ट्र को उन्नति, देना ।।

संगठन का बल क्या हैं?

एकता ।

संगठन का धर्म क्या है?

सेवा।

 

सगठन का लक्ष्य क्या है?

राष्ट्र कल्याण

 

विश्व हिन्दू परिषद : केन्द्रीय संरचना (संक्षेप)

 

केन्द्रीय मार्गदर्शक मण्डल

भूमिका (सामान्य)

संगठन को वैचारिक मार्गदर्शन

दृष्टि देना धर्म, संस्कृति और स्कृति और सामाजिक विषयों पर दिशा निर्दे

यह मण्डल प्रायः अनुभवी, वरिष्ठ एवं सम्मानित व्यक्तियों से बना

होग हैं। केन्द्रीय कार्यकारिणी

मुख्य दायित्वः

राष्ट्रीय स्तर की नीतियाँ

कार्य क्रमों की स्वीकृति

विभिन्न आयामों के कार्यों की समीक्षा

प्रांतो के साथ समन्वय

सामान्य पद:

 

 


केन्द्रीय अध्यक्ष

केन्द्रीय संगठन महामंत्री

सह महामंत्री

कोषाध्यक्ष

सदस्य (विभिन्न आयामों में)

 

बजरंग दल (युवा आयाम)

स्वरूपः

युवाओं में अनुशासन, सेवा, चरित्र निर्माण और सामाजिक जागरूकता पर

केन्द्रित संगठन ।

संगठनात्मक स्तर (सामान्य)

केन्द्रीय संयोजकू

केन्द्रीय, सह-संयोजक

प्रांत संयोजक

विभाग / जिला । नगर संयोजक अखाडा । शाखा स्तर कार्यकर्ता

दायित्व :

युवाओं का संगठन,

शारीरिक – मानसिक प्रशिक्षण सेवा व सामाजिक कार्य अनुशासन और नेतृत्व विकास

मातृशक्ति शक्ति (महिला आयाम)

ॐ उद्‌देश्य : महिलाओं 19 संगठन परिवार, संस्कार और सामाजिक चेतना आत्म निर्भरता और सेवा

पद (सामान्य केन्द्रीय संयोजिका केन्द्रीय सह-संयोजिका पांत। जिला संयोजिका होत्रीय कार्यकती

प्रमुख काय संस्कार कार्यक्रम महिला सेवा व जागरूकता 11. व सहायता कार्य स्वावलंबन योजनाएँ

4*सिलाई-कढ़ाई वः स्तावलंबन केन्द्र

 

उद्‌देश्य: महिलाओं को कौशल प्रशिक्षण आत्म निर्भरता घरेलू आय के अवसर

* गतिविधियाँ सिलाई, कढ़ाई बुनाई हस्त शिल्प साधारण व्यवसायिक प्रशिक्षण

संचालन ने

स्थानीय समिति/ मातृशक्ति के माध्यम

प्रशिक्षिका

संयोजिका सहायक

 

स्कार शाला / सरकार केन्द्र संस्कार शाला

उद्‌देश्य ने बच्चों में नैतिक सांस्कृतिक और सामाविर मूल्य

 

व्यवहारिक संस्कार

विषय :

 

 

सत्या अनुशासन, सेवा

सामान्य

नैतिक शिक्षा

सरचना

संस्कार शिक्षक

केन्द्र

सहयोगी कार्यकर्ता

 

अन्य अनुसानिक आयाम

आयाम बाल आर बच्चों

खेल, गीत, कहानी के माध्यम से शिक्षा

 

सेवा आयाम

 

स्वास्थ्य शिविर

आपदा राहत

सामाजिक सहायता

बौध्दिक

वैचारिक वैचारि

आयाम

अध्ययन वर्ग

सांस्कृतिक विभरी

प्रचार-प्रसार

आयाम

साहित्य

जन सम्पर्क

दायित्वों के सामान्य सिद्धान्त

(सभी

सूचना प्रचार

आयामों में प्रचलित)

अनुशासन

सेवा भाव

संगठन के नियमों का पालन

सामाजिक सभ्दाव

अहिंसक एवं विधिसम्मत आचरण

सामापन सार

विश्व विश्व हिन्दू परिषद, बजरंग दल, मातृशक्ति और अन्य आयाम

एक बहुस्तरीय सामालिक- सांस्कृतिक संगठनात्मक ढाँचे के अन्तर्गत

सेवा संस्कार संगठन और सामाजिक जागरूकता के कार्य करते हैं।

बुजुर्गा के लिए गोत (अनुभव और भाग दर्शन)

दीप जलने वाले, अनुभव द्रोप

हम बुजुर्ग हैं भारत के। संस्कारों की घरोहर है।

हम प्रहरी इस संस्कृति के ।।

सत्य, धैर्य और सेवा से, जोवन पथ दिख‌लाते हैं।

विश्व हिंदू परिषद सुंग, नई पोटी को सिखलाते हैं।।

 

महिलाओं के लिए गीत (शक्ति, करुणा और संस्कार

नारी शक्ति नारी अब्दा घर घर दीप जलाती हैं।

साहस सेवा से, नव भारत गढ़ जाती हैं।

 

नौजवानों के लिए गीत (ऊर्जा और सकल्प)

उठो जवानों सुमय यही है। कर्तव्य पथ अपनाने का शौर्य और सेवा से ज्ञान भारत भाग्य जगाने का

धर्म की संस्कारों की जननी हम की रखवाली है। हिन्दू परिषद संग विश्व हिन्दू नारी शक्ति निराटी है।

 

विश्व हिन्दू परिषद का ध्वज सदा ऊँचा रखना है। धर्म राष्ट और संस्कृति को भर संजोना है।